बॉर्डर पर पांच साल में सबसे ज्यादा जवानों की मौत, संसद में सामने आया सच

देश के जवानों को लेकर बड़ी बड़ी बातें करने वाली मोदी सरकार में बॉर्डर पर सबले ज्यादा शहीद हुए हैं.  ये संख्या पांच सालों में सबसे ज्यादा है. लोकसभा में गृह मंत्रालय ने लिखित में ये जानकारी दी है. सरकार की तरफ से केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि, इस साल 30 नवंबर तक अंतर्राष्ट्रीय सीमा यानी भारत पाकिस्तान सीमा पर निगरानी कर रहे 12 बीएसएफ के जवान शहीद हुए हैं.

वहीं अगर 2017, 2016 ,2015 और 2014 की बात करें तो क्रमशः बीएसएफ के जवान 2017 में 2, 2016 में 3, 2015 में 1,2015 में 2 और 2013 में 2 शहीद हुए थे.आपको बता दें की 3323 किलोमीटर की भारत पाक सीमा की लंबाई है इसमें जम्मू कश्मीर की पाकिस्तान से जुड़ने वाली सीमा अंतरराष्ट्रीय के एरिया में इस साल पाक हमले में 12 जवान शहीद हुए हैं.

हाल ही में बीएसएफ़ ने अपने वार्षिक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि पाक बैट एक्शन टीम के हमले और पाक स्नाइपिंग हमले जो पाकिस्तान की तरफ से इंटरनेशनल बॉर्डर पर हो रही हैं उसका पिछले पांच साल का बीएसएफ साइंटिफिक एनेलेसिस करवाएगी.इसके आधार पर भविष्य की रणनीति तय करेगी,कि इस तरीके की घटनाओं से कैसे निपटा जाए.

दरअसल ये सब बीएसएफ़ इसलिए कर रहा है क्योंकि जम्मू-कश्मीर के इंटरनेशनल बॉर्डर पर रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ जवान की वीभत्स हत्या हो गई थी.कांस्टेबल नरेंद्र कुमार की हत्या पाकिस्तानी बैट फोर्स ने की थी.पाकिस्तान बैट फोर्स ने केवल बीएसएफ जवान के सीने में तीन गोलियां मारीं थीं बल्कि उसके गले को भी धारदार हथियार से काट दिया था.

पूर्व बीएसएफ डीजी केके शर्मा ने उस समय ये जानकारी दी थी कि पाकिस्तान की बैट फोर्स ने हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार को झाड़ियों का फायदा उठाते हुए कब्जे में कर लिया, इसके बाद जवान पर हमला किया.पाक बैट टीम फिर उसे अपनी सीमा में ले गई.कांस्टेबल नरेंद्र कुमार के बाद बीएसएफ़ ने अब ये तय किया है कि पिछले 5 सालों के बैट और स्नाईपिंग के साईंटिफिक आंकड़े लेकर उस पर नए तरीके से कदम उठाएगी.